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Showing posts from January, 2026

Uterine Fibroid and Infertility Treatment-RBM HOMOEOPATHY & RESEARCH CENTER MAU

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Uterine Fibroid and Infertility Treatment -RBM HOMOEOPATHY & RESEARCH CENTER MAU बच्चेदानी की गांठ (फाइब्रॉइड) और बांझपन का होम्योपैथिक इलाज Uterine Fibroid क्या है? Uterine Fibroid (बच्चेदानी की गांठ) एक non-cancerous (benign) मांसपेशीय गांठ होती है, जो uterus की दीवार में या बाहर बनती है। यह महिलाओं में infertility (बांझपन) का एक महत्वपूर्ण कारण बन सकती है। Fibroid और Infertility का संबंध हर fibroid infertility नहीं करता, लेकिन कुछ स्थितियों में यह गर्भधारण में बाधा बनता है: Fallopian tube को दबा देना Implantation में रुकावट Endometrial cavity का shape बदलना बार-बार miscarriage Ovulation पर असर 👉 Submucosal fibroid infertility का सबसे बड़ा कारण होता है। Uterine Fibroid के प्रकार Submucosal Fibroid – गर्भाशय के अंदर Intramural Fibroid – uterus की दीवार में Subserosal Fibroid – uterus के बाहर Pedunculated Fibroid – डंठल के साथ Fibroid के लक्षण (Symptoms) Heavy / prolonged periods Periods के बीच bleeding Lower abdominal pain White discharge Back pain Frequent urination ...

सफेद पानी (White Discharge / Leucorrhoea) और बांझपन (Infertility) RBM Homoeopathy & Research Center Online Consultation – पूरे भारत में उपलब्ध

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  सफेद पानी (White Discharge / Leucorrhoea) और बांझपन (Infertility) RBM Homoeopathy & Research Center Online Consultation – पूरे भारत में उपलब्ध सफेद पानी (Leucorrhoea) क्या होता है? महिलाओं में योनि से हल्का सफेद या पारदर्शी स्राव (discharge) होना कई बार सामान्य होता है, खासकर ovulation या period से पहले। लेकिन जब यही स्राव: बहुत अधिक मात्रा में हो बदबूदार हो खुजली, जलन या दर्द के साथ हो लंबे समय (1–2 महीने से ज्यादा) तक बना रहे तो इसे रोगात्मक सफेद पानी (Leucorrhoea) माना जाता है और इसका इलाज जरूरी हो जाता है। सफेद पानी होने के मुख्य कारण हार्मोनल असंतुलन (Hormonal Imbalance) PCOD / PCOS गर्भाशय या योनि का संक्रमण (Infection) खून की कमी (Anemia) बार-बार एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन मानसिक तनाव, चिंता और कमजोरी साफ-सफाई (Hygiene) की कमी सफेद पानी और बांझपन (Infertility) का संबंध बहुत-सी महिलाओं में सभी रिपोर्ट सामान्य होने के बावजूद गर्भधारण नहीं हो पाता। इसका एक मुख्य छुपा कारण लंबे समय से चला आ रहा सफेद पानी भी हो सकता है। लंबे समय तक ...

Dysmenorrhoea (दर्दनाक माहवारी) और Infertility का होमियोपैथिक उपचार | RBM Homoeopathy Mau

Dysmenorrhoea क्या है? Dysmenorrhoea का अर्थ है माहवारी के समय अत्यधिक दर्द। यह दर्द केवल असहजता ही नहीं, बल्कि लंबे समय तक रहने पर Ovulation, Hormonal Balance और Fertility को भी प्रभावित कर सकता है। कई महिलाओं में यही समस्या आगे चलकर Infertility (बांझपन) का कारण बनती है। 🔹 Dysmenorrhoea और Infertility का संबंध यदि माहवारी दर्द के साथ: हार्मोन असंतुलन अनियमित पीरियड ओवुलेशन की समस्या जुड़ी हो, तो गर्भधारण में कठिनाई आ सकती है। समय रहते सही इलाज बहुत ज़रूरी है। 🔹 प्रमुख लक्षण (Clinical Symptoms) ✔ माहवारी के समय तेज पेट दर्द ✔ कमर और जांघों में दर्द ✔ मतली, उल्टी, थकान ✔ अनियमित माहवारी ✔ लंबे समय से गर्भ न ठहरना 🔹 आवश्यक जाँच (Pathological & Hormonal Tests) डॉक्टर की सलाह अनुसार निम्न जाँच कराई जा सकती है: ✔ USG Pelvis ✔ TSH ✔ FSH, LH ✔ Prolactin ✔ AMH (यदि Infertility जुड़ी हो) 🔹 Dysmenorrhoea और Infertility का होमियोपैथिक उपचार RBM HOMOEOPATHY & RESEARCH CENTER – MAU में हम Dysmenorrhoea और उससे जुड़ी Infertility का इलाज: ✔ बिना हार्मोन ✔ बिना सर्जरी ✔ व्यक्तिगत केस स्टडी...

बार-बार गर्भपात के कारण और होम्योपैथी से उपचार (Repeated Miscarriage Treatment in Homeopathy) RBM HOMOEOPATHY AND RESEARCH CENTRE, MAU

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बार-बार गर्भपात के कारण और होम्योपैथी से उपचार (Repeated Miscarriage Treatment in Homeopathy) RBM HOMOEOPATHY AND RESEARCH CENTRE, MAU 🌸 भूमिका (Emotional + Human Touch) माँ बनना हर स्त्री का सबसे सुंदर सपना होता है। लेकिन जब गर्भ बार-बार गिर जाता है, तो केवल शरीर ही नहीं, दिल और आत्मविश्वास भी टूटने लगता है। “क्या मैं कभी माँ बन पाऊँगी?” “कहीं मुझमें ही कोई कमी तो नहीं?” ऐसे सवाल हर दिन मन को परेशान करते हैं। RBM HOMOEOPATHY AND RESEARCH CENTRE, MAU में हम रोज़ ऐसे दंपतियों से मिलते हैं जो निराश होकर आते हैं… और इलाज के बाद नई उम्मीद के साथ मुस्कुराते हुए वापस जाते हैं। हमारा विश्वास है – 👉 हर महिला माँ बनने की हक़दार है, सही इलाज और सही मार्गदर्शन के साथ। 🤰 बार-बार गर्भपात क्या होता है? (What is Repeated Miscarriage) यदि किसी महिला को लगातार 2 या 3 बार 20 सप्ताह से पहले गर्भपात हो जाए, तो इसे बार-बार गर्भपात / Habitual Abortion / Repeated Miscarriage कहा जाता है। RBM HOMOEOPATHY AND RESEARCH CENTRE, MAU में हम ऐसे मामलों का Root Cause (मूल कारण) खोजकर उपचार करते हैं, ज...

हार्मोनल असंतुलन से होने वाली बांझपन का होम्योपैथिक समाधान R.B.M. HOMOEOPATHY | Mau (Uttar Pradesh)

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👉 हार्मोनल असंतुलन से होने वाली बांझपन का होम्योपैथिक समाधान R.B.M. HOMOEOPATHY | Mau (Uttar Pradesh)🏥 भूमिका आज के समय में बहुत से दंपति गर्भधारण में कठिनाई का सामना कर रहे हैं। जाँच कराने पर कई बार पता चलता है कि समस्या का मुख्य कारण हार्मोनल असंतुलन (Hormonal Imbalance) है। हार्मोन शरीर के संदेशवाहक होते हैं जो प्रजनन प्रणाली, ओव्यूलेशन, शुक्राणु उत्पादन, माहवारी चक्र और गर्भधारण की पूरी प्रक्रिया को नियंत्रित करते हैं। जब ये हार्मोन संतुलन में नहीं रहते, तो बांझपन (Infertility) की समस्या उत्पन्न हो सकती है। R.B.M. HOMOEOPATHY, मऊ में हार्मोनल असंतुलन से होने वाली बांझपन का प्राकृतिक, सुरक्षित और दीर्घकालीन होम्योपैथिक उपचार उपलब्ध है। हार्मोनल असंतुलन क्या है? हार्मोनल असंतुलन का अर्थ है—शरीर में किसी हार्मोन का बहुत अधिक या बहुत कम हो जाना। प्रजनन से जुड़े मुख्य हार्मोन हैं: FSH (Follicle Stimulating Hormone) LH (Luteinizing Hormone) Estrogen, Progesterone (महिलाओं में) Testosterone (पुरुषों में) Prolactin Thyroid hormones (T3, T4, TSH) इनमें गड़बड़ी होने पर ओव्यूलेश...

थायरॉइड और बांझपन का संबंध | Homoeopathy Treatment | R.B.M. HOMOEOPATHY, MAU

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थायरॉइड और बांझपन का संबंध | Homoeopathy Treatment | R.B.M. HOMOEOPATHY, Mau🏥 भूमिका आज के समय में थायरॉइड (Thyroid) की समस्या बहुत आम हो गई है और इसका सीधा असर महिलाओं व पुरुषों की प्रजनन क्षमता (Fertility) पर पड़ता है। कई दंपति लंबे समय तक प्रयास करने के बाद भी गर्भधारण नहीं कर पाते, जबकि कारण अक्सर हार्मोनल असंतुलन और विशेष रूप से थायरॉइड होता है। R.B.M. HOMOEOPATHY, मऊ (उत्तर प्रदेश) में थायरॉइड से जुड़ी बांझपन की समस्या का सुरक्षित, प्राकृतिक और दीर्घकालीन होम्योपैथिक उपचार उपलब्ध है। 🦋 थायरॉइड क्या है? थायरॉइड एक छोटी ग्रंथि है जो गले में स्थित होती है और T3, T4, TSH जैसे हार्मोन बनाती है। ये हार्मोन शरीर के मेटाबॉलिज़्म, ऊर्जा, वजन, माहवारी और प्रजनन प्रणाली को नियंत्रित करते हैं। जब थायरॉइड हार्मोन कम (Hypothyroidism) या अधिक (Hyperthyroidism) हो जाते हैं, तो शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है और इसका असर ओव्यूलेशन, और गर्भधारण पर पड़ता है। 🔗 थायरॉइड और बांझपन का संबंध थायरॉइड हार्मोन सीधे प्रजनन हार्मोन (Estrogen, Progesterone, LH, FSH) को प्रभावित करते हैं। महिलाओं म...

PCOS क्या है? मऊ में होम्योपैथी से प्राकृतिक इलाज| R.B.M.Homoeopathy

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PCOS क्या है? मऊ में होम्योपैथी से प्राकृतिक इलाज | R.B.M. Homoeopathy भूमिका आज के समय में PCOS (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) महिलाओं में एक आम हार्मोनल समस्या बन चुकी है। अनियमित माहवारी, वजन बढ़ना, चेहरे पर अनचाहे बाल, मुंहासे और गर्भधारण में कठिनाई इसके प्रमुख लक्षण हैं। R.B.M. HOMOEOPATHY, मऊ (उत्तर प्रदेश) में PCOS का सुरक्षित, प्राकृतिक और दीर्घकालीन होम्योपैथिक उपचार उपलब्ध है। यहां उपचार रोग के मूल कारण पर आधारित होता है। 🔍 PCOS क्या है? PCOS एक हार्मोनल विकार है जिसमें अंडाशय (ओवरी) में अनेक छोटे-छोटे सिस्ट बन जाते हैं और ओव्यूलेशन नियमित रूप से नहीं हो पाता। इसका प्रभाव माहवारी चक्र, त्वचा, वजन और प्रजनन क्षमता (फर्टिलिटी) पर पड़ता है।  PCOS के प्रमुख लक्षण माहवारी का अनियमित या बंद होना वजन बढ़ना चेहरे/शरीर पर अनचाहे बाल मुंहासे (एक्ने) गर्भधारण में कठिनाई (Infertility) थकान, मूड में बदलाव 🧪 PCOS की जांच कैसे होती है? PCOS की पुष्टि के लिए पैथोलॉजिकल जॉच, हार्मोनल जॉच और अल्ट्रासाउंड महत्वपूर्ण होते हैं। 1️⃣ पैथोलॉजिकल जॉच (Pathological Tests) CBC ब्लड शुगर ...

अनियमित माहवारी और गर्भधारण में समस्या – होम्योपैथिक समाधान | R.B.M. Homoeopathy, Mau

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अनियमित माहवारी और गर्भधारण में समस्या – होम्योपैथिक समाधान | R.B.M. Homoeopathy, Mau भूमिका आज के समय में अनियमित माहवारी (Irregular Periods) और उससे जुड़ी गर्भधारण में समस्या (Infertility) महिलाओं में तेजी से बढ़ रही है। देर से पीरियड आना, महीनों तक न आना, बहुत कम या बहुत अधिक रक्तस्राव, साथ ही हार्मोनल असंतुलन—ये सभी कारण प्रेगनेंसी में बाधा बनते हैं। R.B.M. HOMOEOPATHY, मऊ (उत्तर प्रदेश) में इन समस्याओं का सुरक्षित, प्राकृतिक और दीर्घकालीन होम्योपैथिक उपचार उपलब्ध है। अनियमित माहवारी क्या है? जब माहवारी 28–35 दिनों के नियमित चक्र में न आए, बार-बार देर हो, महीनों तक बंद रहे या बहुत अधिक/बहुत कम हो, तो इसे अनियमित माहवारी कहा जाता है। यह स्थिति सीधे ओव्यूलेशन (अंडोत्सर्जन) को प्रभावित करती है, जिससे गर्भधारण में कठिनाई आती है। अनियमित माहवारी के कारण हार्मोनल असंतुलन PCOS (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) थायरॉइड की समस्या अत्यधिक तनाव और चिंता वजन का बहुत बढ़ना या कम होना गलत जीवनशैली, नींद की कमी अनियमित माहवारी से गर्भधारण में समस्या क्यों होती है? गर्भधारण के लिए नियमित ओव्...

मऊ में बांझपन (Infertility) का होम्योपैथिक उपचार | R.B.M. Homoeopathy

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  मऊ में बांझपन (Infertility) का होम्योपैथिक उपचार | R.B.M. Homoeopathy भूमिका:- आज के समय में बांझपन (Infertility) एक आम लेकिन संवेदनशील समस्या बन चुकी है। कई दंपति वर्षों तक प्रयास करने के बाद भी संतान प्राप्ति में असफल रहते हैं, जिससे मानसिक तनाव और निराशा बढ़ती है। R.B.M. HOMOEOPATHY, मऊ (उत्तर प्रदेश) में बांझपन का सुरक्षित, प्राकृतिक और दीर्घकालीन होम्योपैथिक उपचार उपलब्ध है, जो रोग के मूल कारण पर काम करता है। बांझपन (Infertility) क्या है? जब कोई दंपति एक वर्ष तक नियमित प्रयास करने के बावजूद गर्भधारण न कर पाए, तो उसे बांझपन कहा जाता है। यह समस्या महिला, पुरुष या दोनों से संबंधित कारणों से हो सकती है। बांझपन के प्रमुख कारण महिलाओं में: PCOS (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) हार्मोनल असंतुलन थायरॉइड की समस्या अनियमित माहवारी या ओव्यूलेशन की कमी तनाव, वजन बढ़ना, जीवनशैली की गलतियाँ पुरुषों में: शुक्राणुओं की संख्या या गुणवत्ता में कमी हार्मोनल गड़बड़ी अत्यधिक तनाव, धूम्रपान, शराब पुराने संक्रमण या चोट होम्योपैथी से बांझपन का उपचार कैसे होता है? होम्योपैथी केवल लक्षणों का उ...

मऊ में PCOS और बांझपन का होम्योपैथिक उपचार | R.B.M. Homoeopathy

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  भूमिका :~ आज के समय में PCOS (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) और बांझपन (Infertility) महिलाओं में तेजी से बढ़ती हुई समस्याएँ हैं। अनियमित माहवारी, वजन बढ़ना, हार्मोनल असंतुलन और गर्भधारण में कठिनाई इसके प्रमुख लक्षण हैं। R.B.M. Homoeopathy क्लिनिक, मऊ (उत्तर प्रदेश) में PCOS और बांझपन का सुरक्षित, प्राकृतिक और दीर्घकालीन होम्योपैथिक उपचार उपलब्ध है। PCOS क्या है? PCOS एक हार्मोनल विकार है जिसमें अंडाशय (ओवरी) सही तरीके से कार्य नहीं करता। इस स्थिति में अंडोत्सर्जन (ओव्यूलेशन) ठीक से नहीं हो पाता, जिसके कारण गर्भधारण में समस्या आती है। PCOS का प्रभाव माहवारी चक्र, त्वचा, वजन और प्रजनन क्षमता (फर्टिलिटी) पर पड़ता है. PCOS के प्रमुख लक्षण माहवारी का अनियमित या बंद होना चेहरे या शरीर पर अनचाहे बाल बढ़ना वजन बढ़ना मुहाँसे (पिंपल्स) गर्भधारण में कठिनाई (बांझपन) बांझपन (Infertility) क्या है? बांझपन का अर्थ है एक वर्ष तक नियमित प्रयास करने के बाद भी गर्भधारण न होना। PCOS, थायरॉइड की समस्या, हार्मोनल असंतुलन और तनाव बांझपन के सामान्य कारण हैं। होम्योपैथी से PCOS और बांझपन का उपचार ...